एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल, थाने व पंचायत समिति का किया विजिट बांसवाड़ा

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एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (2)
एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (2)

न्यूज़ मिर्ज़ा – बांसवाड़ा। एकल नारी शक्ति संस्थान द्वारा बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा ब्लॉक में आयोजित दो दिवसीय नेतृत्व क्षमता प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचाल धर्मशाला, त्रिपुरा सुंदरी में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतों से आई 35 एकल महिला लीडर्स ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एकल महिलाओं को संगठन की शक्ति से अवगत कराना तथा उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं, अधिकारों और सरकारी योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी देना रहा। संस्थान की ओर से टीम लीडर पवन उघानी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पंचायत समिति तलवाड़ा एवं सदर पुलिस थाना बांसवाड़ा का विजिट करवाया गया।

एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (1)
एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (1)

सदर पुलिस थाना बांसवाड़ा में थाना अधिकारी रूप सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं बिना किसी डर के अपनी समस्याएं लेकर थाने आएं। उन्होंने बताया कि महिला कांस्टेबल द्वारा भी महिलाओं की समस्याएं सुनी जाती हैं और समाधान किया जाता है। साथ ही महिलाओं को फ्रॉड से सतर्क रहने, बिना पढ़े किसी भी कागज पर हस्ताक्षर न करने और किसी भी प्रकार की हिंसा होने पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

पंचायत समिति तलवाड़ा में विकास अधिकारी राकेश कुमार ने महिलाओं को राजीविका समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण सत्र में सिरोही जिले से आई जमीला बानो ने संगठन के महत्व और कमेटी सदस्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (2)
एकल महिलाओं ने जाना अपने अधिकारों का मोल (2)

तलवाड़ा से आई संगठन कार्यकर्ता रेखा गर्ग ने महिलाओं के भूमि अधिकारों पर चर्चा करते हुए बताया कि महिलाएं अपने नाम से जमीन खाते में दर्ज करवा सकती हैं और ससुराल व पीहर दोनों पक्षों से अपने अधिकार प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने अंतकाल खाता खुलवाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।

सलूंबर की खोलड़ी पंचायत से आई केसर ने नरेगा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि फॉर्म नंबर 6 के माध्यम से किस प्रकार आवेदन कर नरेगा से जुड़ा जा सकता है। वहीं संस्थान की सदस्य लक्ष्मी अहारी ने विधवा महिलाओं द्वारा सामाजिक कुरीतियों में बदलाव और सशक्तिकरण के अनुभव साझा किए।

रात्रि सत्र में पूनम तिवारी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई तथा संगठन की प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई। इस दौरान प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं, जिनमें बबली बाई भी शामिल रहीं, ने अपने-अपने संघर्षों की कहानियां साझा कर अन्य महिलाओं को प्रेरित किया।

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