बांसवाड़ा। शहर में मारवाड़ी समाज द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पारंपरिक गणगौर महोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य गणगौर शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
शोभायात्रा की शुरुआत ठिकरिया स्थित एक निजी वाटिका से हुई, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए गणगौर घाट पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान ईसर-गौरा, यानी भगवान शिव और माता पार्वती की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस भव्य आयोजन में मारवाड़ी समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। खास बात यह रही कि अन्य समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश देखने को मिला।
शोभायात्रा में गाजे-बाजे और शहनाई की मधुर धुन के साथ धार्मिक भजनों की गूंज सुनाई दी। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। गणगौर माता के गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
गणगौर घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से ईसर-गौरा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पारंपरिक रस्मों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
शोभायात्रा को देखने के लिए शहरभर से लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे बांसवाड़ा में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।












