सांसद गरासिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से शुरू किया गया यह अभियान जनजातीय विकास के लिए एक बड़ा कदम है। करीब 79 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट वाले इस अभियान में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 63 हजार से ज्यादा गांवों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 5 करोड़ जनजातीय लोगों के विकास का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 17 मंत्रालयों के सहयोग से 25 योजनाओं के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में सुधार किया जा रहा है। साथ ही, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन और नई परियोजनाओं की शुरुआत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सांसद गरासिया ने खास तौर पर राजस्थान के जनजातीय इलाकों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर और प्रतापगढ़—की समस्याओं को सदन में प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अभी भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस योजना के तहत राजस्थान के इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए, ज्यादा से ज्यादा विकास कार्यों को मंजूरी मिले और उनका तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सही तरीके से योजना लागू हुई, तो जनजातीय समाज के जीवन स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।














