📍 डेस्क रिपोर्ट | राजस्थान
राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करने का बड़ा मामला सामने आया है। कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी जिलों में दैनिक भास्कर की पड़ताल में 23 ऐसे कर्मचारियों की पहचान हुई है, जिन्होंने कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की।
रिपोर्ट के अनुसार, कई सामान्य (स्वस्थ) लोगों ने खुद को दिव्यांग दिखाकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए और वर्षों से सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। इनमें कुछ कर्मचारियों की वास्तविक दिव्यांगता 40 प्रतिशत से कम पाई गई, जबकि नियमों के अनुसार आरक्षण का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता आवश्यक होती है।
इन 23 कर्मचारियों में 4 नई नियुक्तियां और 19 पुराने कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। मामलों में दृष्टि, अस्थि, मानसिक रोग, श्रवण (सुनने) और मल्टीपल डिसएबिलिटी से जुड़े सर्टिफिकेट का उपयोग किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों ने अन्य राज्यों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से भी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाए। वहीं, हाल ही में 44 कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
⚠️ जांच जारी:
प्रशासन और संबंधित विभाग अब इन मामलों की गहन जांच में जुट गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।














