साइबर अपराधों से बचने के तरीके IG -S परिमला एवं विशेषज्ञों ने बताए और कहा जागरूकता ही सबसे बडा हथियार है

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BN बांसवाड़ा न्यूज़ – व्यापारियों के साथ होने वाले वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों, हनी ट्रैप के मामलों, ऑनलाईन जॉब के लुभावने अवसरों, ई-कॉमर्स वेबसाईट पर होने याली धोखाधडी, डीप फेक विडीयो एवं फोटोग्राफी, अनजान नंबरों से ब्लैक मेलिंग, सेक्सटोर्सन, चाईल्ड पोनोग्राफी जैसे अपराधों के तरीकों के बारे में बताया।
महानिरीक्षक पुलिस बांसवाडा रेंज के निर्देशन में युनिसेफ के सहयोग से कॉम्बेट कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित की गई रेंज स्तरीय ऑनलाईन कार्यशाला)
28 दिसम्बर 2023 को बांसवाडा रेंज के महानिरीक्षक पुलिस एस परिमला के निर्देशन में रेंज के तीनों जिलों (बांसवाडा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़) के चेम्बर ऑफ कामर्स के सदस्यों, सर्राफा व्यापार मण्डल के सदस्यों, साईबर पुलिस थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों तथा रेंज के प्रत्येक पुलिस थाने से एक-एक पुलिसकर्मी तथा आमजन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए साईबर जागरूकता विषय पर ऑनलाईन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए महानिरीक्षक पुलिस बांसवाडा, एस. परिमला ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए, उनके प्रति जागरूकता ही सबसे बडा हथियार है।

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इस कार्यशाला में जुड़े सभी अधिकारियों, व्यापारियों तथा पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर – अपराधों के प्रति जागरूक रहते हुए अन्य लोगों को भी जागरूक करने तथा त्वरित रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित करें। कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए युनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिन्धु बिनुजीत द्वारा वर्तमान समय में साईबर अपराधों को बालकों और किशोर वर्ग पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में मुख्य वक्ता साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं सहायक पुलिस आयुक्त, भुवनेश्वर (उड़ीसा) अंजना टूडू ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रचलित साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिसमें व्यापारियों के साथ होने वाले वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों, हनी ट्रैप के मामलों, ऑनलाईन जॉब के लुभावने अवसरों, ई-कॉमर्स वेबसाईट पर होने याली धोखाधडी, डीप फेक विडीयो एवं फोटोग्राफी, अनजान नंबरों से ब्लैक मेलिंग, सेक्सटोर्सन, चाईल्ड पोनोग्राफी जैसे अपराधों के तरीकों के बारे में बताया। उन्होने सभी प्रकार के साइबर अपराधों से बचने के लिए विभिन्न तरीकों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी, जिसमें अपने निजी डेटा व वित्तीय सुरक्षा के लिए अपनाए जाए याले उपायों, व्हाट्सएप एवं टेलीग्राम पर होने वाले अपराधों, अनजान नम्बरों से आने वाले विडीयो कॉल, अवांछित लिंक इत्यादि प्राप्त होने पर रखी जाने वाली सावधानियों, क्रेडिट कार्ड क्यूआर से बचने के तरीकों के बारे में विस्तृत रूप से प्रजेन्टेशन दिया।
बच्चों की संवदेनशील फोटोग्राफ अथवा विडीयो को संधारित या प्रसारित करना गंभीर अपराध:
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि किसी भी 18 वर्ष से कम उम्र के बालक की कोई भी अश्लील तस्वीर या विडीयों मोबाईल में स्टोर करना या किसी को भेजना लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने ऐसे किसी भी संदेश के प्रसारण से बचने तथा ऐसे मामलों की रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने पर देने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान में सभी प्रकार के अपराधों में मोबाईल या डिजिटल उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे अनुसंधान के दौरान संबंधित अधिनियमों के अनुसार कार्यवाहीं की जा सकती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराधों के मामलों में अनुसंधान के दौरान ध्यान में रखी जाने वालीं सावधानियों तथा डिजिटल साक्ष्यों को भारतीय साक्ष्य अधिनियम व अन्य प्रचलित कानुनों के अनुसार विभिन्न बिन्दुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा रेंज के जिलों में होने वाले साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी देते हुए समस्याओं को साझा किया गया तथा प्रश्न पूछे गए। कार्यशाला में 150 से ज्यादा प्रतिभागियों से अपील की गई कि साईबर अपराध घटित होने पर अविलम्ब 1930 अथवा 1 संबधित साईबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करें जिससे संभावित वित्तीय तथा मानहानि ना हो सके,
इस कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी शंभुलाल नायक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सुशील कुमार जैन, कार्यक्रम अधिकारी विनय व्यास, प्रधानाचार्य विजय कृष्ण वैष्णव, विनोद राठौड़, भगीनि निवेदिता शिक्षा समिति के स्टेट हेड रूपेश शर्मा व समन्वयक प्रतीक उपाध्याय, शिवलोक शर्मा उपस्थित थे।। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर आईजी एस परिमला के निर्देशन में गुरुवार को ऑनलाइन साइबर जागरुकता कार्यशाला हुई। जिसमें चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य, सर्राफा व्यापार मंडल सदस्य, साइबर थाने में पदस्थापित पुलिस कर्मी, रेंज के प्रत्येक थाने से एक-एक पुलिस कर्मी व आमजन शामिल हुए। कार्यशाला में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं भुवनेश्वर (उड़ीसा) की सहायक पुलिस आयुक्त अंजना टूडू ने व्यापारियों के साथ होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों, हनी ट्रैप के मामलों, ऑनलाइन जॉब के लुभावने अवसरों, ई-कॉमर्स वेबसाइट पर होने वाली धोखाधड़ी, डीप फेंक वीडियो और फोटोग्राफी अनजान नंबरों से ब्लैकमेलिंग, चाइल्ड पोनोग्राफी जैसे अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में बताया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आईजी एस. परिमला ने कहा कि वर्तमान में समय में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए, उनके प्रति जागरुकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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