बिलासपुर। एक महीना टाइम देने के बाद भी 11 साल पुराने मामले में जवाब न देने से हाई कोर्ट ने नाराज होकर 20 हजार रुपए जुर्माना कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को हाईकोर्ट ने 23 मार्च को सुबह 10:30 बजे कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। यह मामला 2012 में शिक्षा विभाग के एक मामले में कोर्ट द्वारा निर्धारित किए गए समय पर एडिशनल जानकारी प्रस्तुत न किए जाने का है। दरअसल याचिकाकर्ता ने 2012 में याचिका दायर कर हेड मास्टर के पद पर नियुक्ति की मांग समस्त लाभ के साथ की है जिस पर लगातार सुनवाई जारी है इसी मामले में शासन को 20 मार्च तक एडिशनल रिप्लाई फाइल करने को कहा गया था। लेकिन विभाग द्वारा इस मामले में निर्धारित तिथि तक कोई अतिरिक्त जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। सचिव के तरफ से डीईओ कोर्ट में पेश हुए। जिससे नाराज होकर जज ने सचिव को न्यायालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही जुर्माने के तौर पर हाईकोर्ट लाइब्रेरी फंड में व्यक्तिगत ₹20000 की राशि भी जमा करनी होगी।
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