सस्पेंड अधिकारी से 4 लाख वसूलने के आदेश।

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desk – जांजगीर के पूर्व डीईओ केएस तोमर के सस्पेंशन के बाद अब उनके खिलाफ रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया गया है। दो महीने पहले ही शिक्षा विभाग ने तोमर को सस्पेंड किया था । लॉकडाउन में नियम विरुद्ध आठ पदों पर भर्ती के मामले में राज्य सरकार ने वेतन मद में रिकवरी के आदेश दिये हैं। दरअसल पूर्व डीईओ केएस तोमर ने शत प्रतिशत अनुदान प्राप्त संस्था सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोधना विकासखंड नवागढ़ में शिक्षक, क्राफ्ट शिक्षक, सहायक ग्रेड, प्रयोगशाला परिचालक की भर्तियां की थी। इसमें से जिला शिक्षा अधिकारी रहे केएस तोमर ने अपने रिश्तेदारों की भर्तियां की थी। इन सभी की नियुक्ति साल 2021 में मई से लेकर जुलाई तक की गयी और उन्हें अनुदान मद से वेतन भी दिया। इस मामले में शिकायत के बाद जांच बैठी थी। जांच के बाद शिकायत सही पायी गयी। तीन महीने में अनुदान मद से दिये गये 4 लाख 68 हजार रुपये की राशि की रिकवरी का आदेश दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने डीपीआई को आदेश जारी किया है, कि वो वसूली की कार्रवाई पूरी करें। जांजगीर-चांपा जिले में नियम-कानूनों को ताक पर रखकर अपात्र लोगों को अनुकंपा नियुक्ति देने के मामले में राज्य सरकार ने तत्कालीन डीईओ केएस तोमर को सस्पेंड कर दिया था। निलंबन अवधि में उन्हें डीपीआई रायपुर अटैच किया गया था। तत्कालीन डीईओ केएस तोमर पर लॉकडाउन के दौरान शासकीय अनुदान प्राप्त सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल गोधना में बैक डोर से भर्ती का मामला भी अभी लंबित है। सरकार ने इसे निरस्त करने को कहा है, हालांकि अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जांजगीर-चांपा के शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा तत्कालीन डीईओ केएस तोमर ने किया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में 8 ऐसे लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी थी, जिन्होंने अपने पिता, भाई या अन्य करीबी रिश्तेदार की मौत के बाद शपथपत्र दिया था कि उनके घर में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है और न ही कोई आयकरदाता है, इसलिए वे खुद अनुकंपा के लिए पात्र हैं।

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