BN बांसवाड़ा न्यूज़ से – कानपुर, 17 अगस्त। सोलह वर्षीय सौतेली बहन से दुष्कर्म करने के मामले में दो सगे भाइयों को पुलिस मंगलवार रात बांदा से गिरफ्तार करने में कामयाब हो गई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी भाइयों ने नाबालिग का अश्लील वीडियो बनाया और उसे बदनाम करने की धमकी देकर लगातार दुष्कर्म कर रहे थे। इस दौरान उसे अश्लील वीडियो भी दिखाते थे। आरोपियों के माता-पिता ने पीड़िता को अवैध तरीके से 2013 में यतीमखाना से गोद लिया था। वह गोदनामा संबंधी कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। गिरफ्तार दोनों आरोपितों को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा, जिसके बाद जेल भेजा जाएगा।बांदा की मूल निवासी पीड़िता की दर्द भरी कहानी है। उसकी मां का वर्ष 2013 में निधन हो गया। जिसके बाद उसके पिता ने उसे और उसके तीन बहनों को ननिहाल में छोड़ दिया। हालात ऐसे हुए कि ननिहाल वाले भी उनसे मुंह मोड़ते हुए बांदा जिले के यतीमखाना में छोड़ गए। जहां की संरक्षिका ने वर्ष 2013 में अपने करीबी कानपुर नाला रोड निवासी कारोबारी महबूब अली और उनकी पत्नी शाहजहां बेगम को अवैध तरीके से बच्ची को गोद दे दिया। उस दौरान नाबालिग की उम्र महेज 5वर्ष थी। दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आने के बाद 2019 में वापस नाबालिग बच्ची को यतीमखाना में डाल दिया। जहां उसे गलत जानकारी दी गई, जिससे यतीमखाना में उसे पुनः रख लिया। जहां बताया गया था कि उसके पिता नहीं है, इसके चलते उसे आसानी से रख लिया गया। एसीपी ने आगे बताया कि गोद ली हुई बच्ची के साथ कारोबारी के दोनों बेटे सऊद और दाऊद ने साल 2017 से 2018 के बीच दुष्कर्म किया। वर्षों उसका यौन उत्पीड़न करते रहे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने बच्ची के कई सारे अश्लील वीडियो बना लिए थे। उसे धमकाया था कि अगर अपना मुंह खोला तो घर में वीडियो दिखा देंगे। इसके बाद तुम्हें घर से भगा दिया जाएगा क्योंकि तुम सौतेली हो और हम सगे। तुम्हारी बात का कोई विश्वास भी नहीं करेगा। बांदा से किया गिरफ्तार पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार देर रात बांदा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। पीड़िता का बुधवार को मेडिकल कराने के साथ ही बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बाल कल्याण समिति भी बच्ची के बयान दर्ज करके मामले की सच्चाई की जांच अपने स्तर से करेगी। पुलिस की लापरवाही हुई उजागर इतने गंभीर मामले में कर्नलगंज पुलिस की लापरवाही सामने आई है। नस काटने के बाद बच्ची के बयान दर्ज करने पहुंचे कर्नलगंज थाना प्रभारी बलराम मिश्रा ने आरोपी के परिवार से साठगांठ कर मामले को ही दबा दिया। जिला बाल कल्याण समिति को भी मामले की जानकारी नहीं दी। अधिकारियों तक बात पहुंचने पर मामले में कार्रवाई की गई। इस मामले में पुलिस ने दुष्कर्म,छेड़खानी, जान से मारने की धमकी व पॉक्सो एक्ट एवंआईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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