योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में सिविल सोसाइटी की भूमिका अहम।

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BN बांसवाड़ा न्यूज़ – जयपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आमजन को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिकार सम्पन्न बनाने के लिए आवश्यक है कि वे अपने भविष्य की चिंता से मुक्त होकर कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्ववर्ती केन्द्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा, सूचना एवं शिक्षा के अधिकार कानून बनाकर दिए गए, इसी प्रकार वर्तमान केन्द्र सरकार को कानून बनाकर आमजन को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार देना चाहिए। राज्य में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं को अध्ययन करवाकर केन्द्र सरकार को इन्हें पूरे देश में लागू करना चाहिए। गहलोत शुक्रवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में ‘बजट घोषणाओं को आमजन तक पहुंचाने हेतु कार्यशाला’ को संबोधित कर रहे थे। आमजन का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता गहलोत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में राजस्थान एक अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। आज पूरे देश में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की चर्चा हो रही है। इस योजना में 25 लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को कानून बनाकर स्वास्थ्य का अधिकार देने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। राज्य में बेहतरीन सड़क तंत्र विकसित किया गया है और बेरोजगारों को नौकरी देने एवं सौर ऊर्जा में भी राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। बजट का सफल क्रियान्वयन सरकार का ध्येय गहलोत ने कहा कि बजट का सफल क्रियान्वयन राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी क्रम में महंगाई राहत कैम्पों का आयोजन करवाया जा रहा है। 24 अप्रेल से शुरू होने वाले महंगाई राहत कैम्पों से जनहितकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। लगभग 2700 कैम्प्स के माध्यम से आमजन को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राजस्थान गहलोत ने कहा कि आज राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी है एवं राज्य में 91 विश्वविद्यालय राज्य में संचालित हैं। गत 5 सालों में राज्य सरकार ने 303 काॅलेज खोले हैं। इनमें 130 महिला काॅलेज भी शामिल हैं। प्रदेश के 500 विद्यार्थियों को विदेश में निःशुल्क पढ़ाने का प्रावधान किया गया है। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के माध्यम से वंचित तबके के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क दी जा रही है। डाॅ. अम्बेडकर द्वारा रचित संविधान से विश्व में देश की पहचान मुख्यमंत्री ने डाॅ. अम्बेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डाॅ. अम्बेडकर द्वारा रचित संविधान के कारण देश को विश्व में एक अलग पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कायम रखने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश में हिंसा एवं तनाव का माहौल लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। देश की सिविल सोसाइटी एवं प्रबुद्धजन वर्तमान परिस्थितियों में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि समाज केे वंचित तबकों के लिए काम करने तथा उनकी जमीनी जरूरतों को समझने में सिविल सोसाइटी व स्वयंसेवी संगठनों की अहम भूमिका है। सरकार द्वारा लोक कल्याण के लिए बनाई योजनाओं को कारगर तथा उपयोगी बनाने में इन संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। सिविल सोसाइटी के सुझावों के बाद ही देश में आरटीआई जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लोकतंत्र में सिविल सोसाइटी का अपना महत्व है।राज्य में 1 करोड़ लोगों को मिल रही सामाजिक सुरक्षा गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने 1 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से जोड़ने का काम किया है। न्यूनतम पेंशन राशि 1000 रुपए करने एवं इसमें प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है। मानवीय दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है, ताकि कर्मचारियों में भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय अम्बेडकर पुरस्कार का वितरण किया। नत्थूलाल वर्मा को अम्बेडकर सेवा पुरस्कार, सुनीता छाबड़ा को अम्बेडकर महिला कल्याण पुरस्कार एवं एडवोकेट हरिलाल बैरवा को अम्बेडकर न्याय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में प्रथम स्थान लाने वाले प्रदेश के स्कूली बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन से संबंधित साहित्य, संविधान से संबंधित पाठ्य सामग्री, डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता के प्रसार हेतु साहित्य, विद्यार्थियों द्वारा संचालित पुस्तकालय, संविधान के प्रावधानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन को जागरूक करने हेतु नवाचारों का अवलोकन किया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य सरकार गरीब को केन्द्र में रखकर नीतियां बना रही है। राज्य सरकार की संविधान में अटूट आस्था है। मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि जन उपयोगी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा महंगाई राहत केम्प के रूप में एक अभिनव पहल की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा राॅय ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों का जनता के साथ संवाद महत्वपूर्ण है। आज की कार्यशाला इसी संवाद का उदाहरण है। राज्य सरकार ने बजट निर्माण के साथ-साथ बजट क्रियान्वयन की प्रक्रिया में भी सिविल सोसाइटी को शामिल किया है। सामाजिक कार्यकर्ता श्री निखिल डे ने कहा कि राज्य का बजट पूरे देश में चर्चा का विषय है। आमजन के सुझावों से तैयार इस बजट में जनता के पैसे को जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। इस अवसर पर लोक कलाकारों द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित गीत की प्रस्तुति एवं जनहितकारी निर्णयों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, राजीविका से जुडी महिलाएं एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा मौजूद रहे।

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