BN बांसवाड़ा न्यूज़ – जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के मुंडिया रामसर में ग्रामीण और शहरी ओलंपिक खेलों का अवलोकन करते हुए घोषणा की है कि जल्द ही आचार संहिता लागू होगी। इसलिए जनता को जो मांगना है मांग ले। सरकार रिपीट करेंगे तो बाकी मांगें भी पूरी करने की गारंटी देते हैं।जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि करीब 45 दिन में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसलिए जनता ने जो मांगा है, वह सब पूरी नहीं सकते। जनता ने खूब मांग लिया और भी मांग लो। अब समय कम बचा है इसलिए सब नहीं दे सकते लेकिन सरकार ने गारंटी दी है कि अगली बार हमारी सरकार रिपीट होगी तो पहले ही बजट में शेष रही सब मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। सीएम गहलोत ने गुरुवार शाम को जयपुर के मुंडिया रामसर में ग्रामीण और शहरी ओलंपिक खेलों का अवलोकन किया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने अगली बार फिर कांग्रेस को सत्ता में लाने का आह्वान किया।ग्रामीण और शहरी ओलंपिक से निखरेगी खेल प्रतिभाएं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेलों से गांव-ढाणी की खेल प्रतिभाओं को भी आगे आने का मौका मिल रहा है। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा एवं खेल राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में हैं। वर्ष 2030 तक खेल सहित सभी क्षेत्रों में राजस्थान को नंबर वन राज्य बनाना हमारा विजन है। वर्ष 2030 के विजन डॉक्यूमेंट के लिए आमजन को आगे आकर सुझाव देने चाहिए।खेलों के प्रति बढ़ा लोगों का रुझान सीएम गहलोत ने कहा कि खेलों के प्रति लोगों का रुझान काफी बढ़ गया है। गत वर्ष भी राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेलों का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 30 लाख खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बार यह संख्या लगभग 60 लाख तक पहुंच गई है। इनमें 25 लाख महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं। हर आयु वर्ग के खिलाड़ी इन खेलों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है और एक नई खेल संस्कृति विकसित हो रही है।प्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निरंतर खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दे रही है। इसी दिशा में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि में कई गुना बढ़ोतरी, खेल मैदानों का विकास जैसे फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से राजस्थान खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।